Uncategorized

इश्क में बनी गुनहगार: कारोबारी की बेटी ने प्रेमी संग लुटवा दिया घर

Spread the love
पुलिस की गिरफ्त में अरशद (लाल घेरे में) व अन्य आरोपी

मुरादाबाद। नागफनी थाना क्षेत्र के बंगला गांव स्थित अकबर कंपाउंड में पीतल कारोबारी मोहम्मद इमरान के घर हुई 1.20 करोड़ रुपये की सनसनीखेज डकैती का पुलिस ने महज तीन दिन में खुलासा कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि कारोबारी की बेटी अरीबा ने अपने प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर ही पूरी वारदात की साजिश रची थी। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लाखों की नकदी, हथियार और दो कार बरामद की हैं।

पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि 11 मई की रात नकाबपोश बदमाश कारोबारी के घर में घुसे थे और परिवार को तमंचों के बल पर बंधक बनाकर 1.20 करोड़ रुपये नकद व जेवर लूट ले गए थे। घटना के बाद नागफनी पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम को जांच में लगाया गया।

ऐसे हुआ सनसनीखेज डकैती का खुलासा पुलिस जांच में सबसे पहले लूटी गई रकम के नोटों के नंबर और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। सर्विलांस के जरिए एक संदिग्ध नंबर की लोकेशन अमरोहा क्षेत्र में मिली। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी और एक हुंडई एक्सेंट कार को ट्रेस किया, जिसमें आरोपी वारदात के बाद फरार हुए थे।पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी अरशद वारसी ने बताया कि उसका कारोबारी की बेटी अरीबा से वर्ष 2018 से प्रेम संबंध था। दोनों यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान मिले थे। परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। इसी दौरान अरीबा ने प्रेमी को घर में आने-जाने वाली रकम, नकदी रखने की जगह, गेट खोलने का तरीका और घर की अंदरूनी जानकारी देना शुरू कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, घटना से पहले अरीबा ने मुख्य गेट की चाबी और घर में प्रवेश की पूरी जानकारी आरोपियों को उपलब्ध कराई थी। इसके बाद अरशद ने अपने साथियों के साथ मिलकर डकैती की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।

आरोपियों के पास से बरामद रकम

पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 47.24 लाख रुपये नकद, सोने के आभूषण, पांच मोबाइल फोन, अवैध तमंचे, कारतूस और दो कार बरामद की हैं। मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ डकैती, धमकी और आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है।

फास्टैग, CCTV और CDR से खुला लूटकांड का राज, तकनीकी जांच के सहारे आरोपियों तक पहुंची पुलिस।बहुचर्चित लूटकांड का खुलासा करते हुए एसएसपी सतपाल अंतिल ने प्रेसवार्ता में प्रोजेक्टर पर स्लाइड्स के माध्यम से पूरे घटनाक्रम को विस्तार से प्रस्तुत किया। एसएसपी ने बताया कि तकनीकी सर्विलांस, फास्टैग डिटेल, मोबाइल CDR और CCTV फुटेज के आधार पर पूरे गिरोह की पहचान कर एक-एक कर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।

जांच की शुरुआत घटना में प्रयुक्त गाड़ी की तलाश से हुई। पुलिस को टोल प्लाजा की फुटेज और फास्टैग रिकॉर्ड से एक संदिग्ध वाहन का नंबर मिला। स्लाइड में दिखाया गया कि पहले गाड़ी का नंबर बदला गया था, लेकिन टोल क्रॉसिंग के दौरान वाहन की वास्तविक डिटेल पुलिस के हाथ लग गई।

इसके बाद संबंधित वाहन और उसमें बैठे संदिग्धों की तस्वीरें भी सामने आईं। पुलिस ने CCTV फुटेज का अवलोकन किया तो दो गाड़ियां और कुछ संदिग्ध बदमाश दिखाई दिए। फुटेज में देर रात संदिग्ध गतिविधियां और वाहनों की मूवमेंट कैद मिली। इसके आधार पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार को ट्रेस करना शुरू किया।

जांच के दौरान सफेद रंग की कार की लोकेशन और उसकी आवाजाही को विभिन्न कैमरों से जोड़ा गया।एक अन्य स्लाइड में लाल रंग की Hyundai Xcent कार नंबर DL10CK6131 दिखाई गई, जिसे पुलिस ने घटना से जुड़ा अहम वाहन बताया।

पुलिस के अनुसार CCTV फुटेज में यह कार कई स्थानों पर दिखाई दी, जिसके बाद इसकी डिटेल निकाली गई और उससे जुड़े लोगों की पहचान की गई। जांच में सामने आया कि टोल प्लाजा से मिले फास्टैग के जरिए वाहन कुलदीप पुत्र राकेश निवासी ग्राम मनोहरपुर मसाला के नाम पर ट्रेस हुआ। इसके बाद पुलिस ने कुलदीप के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाली, जिसमें तीन संदिग्ध नंबर सामने आए। जांच में ये नंबर अशरद वारसी निवासी मधुबनपुर अमरोहा, रवि अमरोहा और विपिन अमरोहा के नाम पर पाए गए।तकनीकी निगरानी और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने अशरद वारसी और उसके साथी फराज को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से करीब 23.74 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके बाद कुमार और कुलदीप को भी गिरफ्तार कर एक सफेद गाड़ी बरामद की गई।

प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस ने एक फोटो भी प्रदर्शित की, जिसमें घर के अंदर रखी नकदी की गड्डियों की तस्वीर दिखाई गई। पुलिस के अनुसार कारोबारी की बेटी अरीबा अपने प्रेमी अरशद को घर में रखे रुपयों की फोटो भेजती थी, जिससे जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सुराग मिले।

पूछताछ में रवि ने खुलासा किया कि लूट की रकम का बड़ा हिस्सा वाहिद पुत्र अब्दुल निवासी मिट्ठनपुर कला अमरोहा के पास रखा गया है। उसने यह भी बताया कि घटना के बाद सभी आरोपी बब्लू उर्फ वक़र के संपर्क में आए और होटल में रुके थे। रवि की निशानदेही पर पुलिस ने वाहिद को गिरफ्तार कर उसके पास से लगभग 22 लाख रुपये बरामद किए।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि निक्की नामक व्यक्ति ने रवि की मुलाकात आदित्य निवासी तिगरिया भूड़ गजरौला से कराई थी और घटना में आदित्य समेत अन्य लोग भी शामिल थे।

इस चार्ट से समझें पूरा घटनाक्रम किस तरह से पुलिस आरोपियों तक पहुंची

पुलिस ने अशरद वारसी की CDR का और विश्लेषण किया तो दो नंबरों पर लगातार बातचीत सामने आई। जांच में पता चला कि एक नंबर रिजवान की आईडी पर जबकि दूसरा इरशाद वादी के भाई की आईडी पर संचालित था ये नंबर कारोबारी की बेटी अरीबा व पत्नी द्वारा चलाया जा रहा था।पुलिस का कहना है कि फास्टैग डेटा, CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन, CDR और तकनीकी सर्विलांस के जरिए पूरे गिरोह की कड़ियां जोड़ी गईं। चरणबद्ध तरीके से आरोपियों की गिरफ्तारी और नकदी बरामदगी के बाद पुलिस ने लूटकांड का सफल खुलासा कर दिया।

घटना के खुलासा होने पर डीआईजी मुनिराज जी. ने खुलासा करने वाली टीम को 25000/-रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।फिलहाल गिरफ्तार आरोपी जेल भेज दिए गए हैं, जबकि मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *