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जीवन रूपी डोर परमात्मा को सौंप कर निश्चिंत रह कर्म कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करें। – ब्रह्माकुमारी दीदी

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  • जीवन रूपी डोर परमात्मा को सौंप कर निश्चिंत रह कर्म कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करें। – ब्रह्माकुमारी दीदी
    पचोर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा ब्रह्मकुमारी बहनों ने मकर संक्रांति का पर्व मनाया
    जिसमें विद्यालय के सदस्य उपस्थित हुए।
    मकर संक्रांति का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए ब्रह्माकुमारी मोनिका दीदी ने कहा कि आत्मा अति सूक्ष्म ज्योति स्वरूप है,
    जो आत्म स्वरूप का अनुभव करता है, उनकी डोर परमात्मा के हाथ में है, उनके जीवन में परमात्मा मिठास भर देता है, देवीय गुण धारण होते हैं, कड़वाहट निकल जाती है उनके मुख से मीठे बोल ही निकलते है, उनके बोल अनमोल बन जाते हैं, आत्मा गुणवान हो जाती है, वह दूसरों पर सुख और कल्याण की भावना रखते है, ऐसे मनुष्य देवत्व की ओर बढ़ते हैं,
    उन्होंने आगे बताया कि परमात्मा को सही अर्थों में जानकर, अपने जीवन की डोर को उन्हें दे कर निश्चिंत होकर कर्म करें, स्वयं के अंदर गुण रूपी मिठास लाए तथा दूसरों में भी उमंग उत्साह की मिठास भरे तभी सही अर्थों में मकर संक्रांति का पर्व सार्थक होगा।
    कार्यक्रम में नन्हे कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुत किये। तथा जीवन को मीठास से भरने के लिए ब्रह्माकुमारी वैशाली दीदी ने राजयोग का अभ्यास कराया।
    एवं तिल गुड़ के लड्डू से सभी का मुख मिठास कराया।

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